सीड बॉल के जरिए चाईबासा के युवा कर रहे हैं वनों को हरा-भरा

सीड बॉल
  • मुहिम: चाईबासा के गुड़ा गांव में वीर सिंह बालमुचू के नेतृत्व में युवाओं ने जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए ‘सीड बॉल’ तकनीक से पर्यावरण सुधार की अनोखी पहल की है।
  • तकनीक व प्रक्रिया: सीड बॉल मिट्टी, देसी खाद और स्थानीय बीजों का मिश्रण (5 हिस्सा मिट्टी, 3 हिस्सा जैविक खाद और 1 हिस्सा पानी) होता है। इसे बिना गड्ढा खोदे पौधे उगाने के लिए वैज्ञानिक तरीका माना जाता है।
  • बचाव व लाभ: इसका मिट्टी-खाद का आवरण बीजों को पक्षियों, कीड़ों और तेज धूप से सुरक्षित रखता है। मानसून की बारिश मिलते ही ये दुर्गम व पहाड़ी बंजर इलाकों में प्राकृतिक रूप से अंकुरित हो जाते हैं।
  • विशेषता: यह पूरी तरह कम लागत वाली मुहिम है, जिसमें किसी भारी बजट या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती। इसे हाथों से आसानी से तैयार किया जाता है।
  • लक्ष्य: युवाओं का लक्ष्य 15,000 से अधिक सीड बॉल बनाकर जंगली क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना और ग्रामीणों को पेड़ों की अवैध कटाई रोकने के लिए जागरूक करना है।

जंगल बचाओ अभियान के तहत सिंहभूम के युवाओं ने जांगीबुरु के जंगलों में फेंके 10 से अधिक सीडबॉल
फोटो संख्या : जंगल बचाओ अभियान के तहत जांगीबुरु जंगल में पहुंचे युवा
चाईबासा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जंगल बचाओ अभियान के तहत सिंहभूम के युवाओं ने प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए एक अनूठी और सराहनीय मिसाल पेश की है। जंगल बचाओ अभियान के तहत वीर सिंह बालमुचू के नेतृत्व में क्षेत्र के युवा और युवतियों की टीम ने जांगीबुरु जंगलों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने के उद्देश्य से 10 से अधिक सीडबॉल को बिखेरा।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए युवाओं की टीम पिछले कई दिनों से युद्ध स्तर पर सीडबॉल बनाने के कार्य में जुटी हुई थी। जिसे विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर युवाओं द्वारा एक बाइक रैली निकाली गई। यह रैली विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए जांगीबुरु के जंगलों तक पहुँची। रैली का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को वनों के महत्व के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण को बचाने का संदेश देना था।
युवाओं की इस टोली ने समाज के अन्य लोगों और खासकर छात्र-छात्राओं से भी अपील की है कि वे अपने जीवन के हर विशेष अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और जंगलों की रक्षा में अपना योगदान दें। इस पूरे अभियान में सिंहभूम के दर्जनों उत्साही युवा और युवतियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर वीर सिंह बालमुचू, रमेश बालमुचू, रियांस बालमुचू, भगवान सवाइयाँ, कंचन लता गगराई, राहुल पूर्ति, दुंबी कुंकल, मीर मार्शल बिरुआ, सुभाष चंद्र तिऊ, क्रांति तिरिया, बनमाली तमसोय, बबीता तामसोय , सिमरन देवगम , राजनंदनी जेराई, एवं टीम के अन्य लोग उपस्थित थे।

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